शनिवार 1 अगस्त 2026 - 02:42
सत्य के मार्ग के मुजाहिदों की शहादत प्रतिरोधी मोर्चे की विजय और दुश्मनों की स्थायी पराजय व अपमान का कारण बनेगी

जामेअ-ए-मुदर्रेसीन हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के सदस्य ने इराक़ी हश्द अल-शाबी के अनेक मुजाहिदों की दुश्मनों के हाथों शहादत पर अपने संदेश में शोक एवं बधाई व्यक्त करते हुए कहा कि सत्य के मार्ग के मुजाहिदों की शहादत प्रतिरोधी मोर्चे की विजय को और तेज़ करेगी तथा खूंखार दुश्मनों की स्थायी पराजय, अपमान और बदनामी का कारण बनेगी।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जामेअ-ए-मुदर्रेसीन हौज़ा-ए-इल्मिया क़ुम के सदस्य आयतुल्लाह मोहसिन फ़क़ीही ने इराक़ी हश्द अल-शाबी के कई मुजाहिदों की दुश्मनों के हाथों शहादत पर अपने संदेश में शोक एवं बधाई व्यक्त करते हुए कहा कि सत्य के मार्ग के मुजाहिदों की शहादत प्रतिरोधी मोर्चे की विजय को और तेज़ करेगी तथा खूंखार दुश्मनों की स्थायी पराजय और अपमान का कारण बनेगी। उनके संदेश का हिंदी अनुवाद इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
"मोमिनों में ऐसे पुरुष हैं जिन्होंने अल्लाह से किए हुए अपने वचन को सच्चाई के साथ पूरा किया। उनमें से कुछ अपनी प्रतिज्ञा निभाकर शहादत प्राप्त कर चुके हैं और कुछ अभी प्रतीक्षा में हैं, और उन्होंने अपने संकल्प में कोई परिवर्तन नहीं किया।"
इराक़ के गौरवशाली और सम्मानित हश्द अल-शाबी के प्रिय एवं बहादुर भाइयों!
मुझे अत्यंत दुख के साथ, किंतु साथ ही गर्व की भावना के साथ, आपके पवित्र मुजाहिदों के एक समूह की शहादत का समाचार प्राप्त हुआ। ये वे महान हस्तियाँ हैं जिन्हें अल्लाह तआला ने शहीदों के अनंत कारवाँ में शामिल होने के लिए चुना। यह शहादत उन अत्याचारी और क्रूर दुश्मनों की बर्बर आक्रामकता का परिणाम है, जो न किसी मोमिन की पवित्रता का सम्मान करते हैं और न किसी वचन एवं समझौते का।
मैं इस महान दुःखद घटना पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। साथ ही इन महान मुजाहिदों को अल्लाह तआला के सर्वोच्च पुरस्कार अर्थात शहादत प्राप्त होने पर हार्दिक बधाई भी देता हूँ, क्योंकि शहादत एक मुजाहिद की पूर्णता की पराकाष्ठा और ईश्वर को पहचानने वालों की अंतिम मंज़िल है।
मैं अल्लाह तआला से दुआ करता हूँ कि वह इन प्रिय शहीदों की पवित्र आत्माओं को अपनी असीम रहमत की छाया में स्थान प्रदान करे, उन्हें जन्नत के सर्वोच्च दर्जों से सम्मानित करे तथा उन्हें सय्यद उश शोहदा हज़रत इमाम हुसैन (अ) और उनके वफ़ादार साथियों के साथ महशूर फरमाए।
मैं अल्लाह की बारगाह में यह भी दुआ करता हूँ कि वह घायलों और प्रभावित लोगों को शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करे, शहीदों के परिजनों को धैर्य और सुकून अता करे तथा आप सभी को सत्य के मार्ग पर और अधिक दृढ़ता, स्थिरता एवं सफलता प्रदान करे।
इंशाअल्लाह, इन महान शहीदों का पवित्र रक्त निश्चित विजय का अग्रदूत सिद्ध होगा और वह प्रज्वलित मशाल बनेगा जो प्रतिरोधी मोर्चे की गरिमा, दृढ़ता और उज्ज्वलता को पहले से अधिक बढ़ाएगा। वहीं मानवता के शत्रु घमंडी अत्याचारियों का भाग्य उनके अपराधों के बदले अपमान, पराजय और निकट भविष्य में होने वाली हार के अतिरिक्त कुछ नहीं होगा।
अल्लाह तआला आपको अडिग रखे, अपनी सहायता से आपका समर्थन करे और आपको इस्लाम तथा मुसलमानों के लिए गर्व का कारण बनाए।
"निश्चय ही हम अल्लाह के हैं और उसी की ओर लौटकर जाने वाले हैं।"
मोहसिन फ़क़ीही
सफ़र अल-मुज़फ़्फ़र 1448 हिजरी क़मरी।

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